Sun Rahe Ho
Gazals

Sun Rahe Ho

By Mahesh Katare Sugam

180

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Product Details

Format
Paperback, Ebook
Book Size
5 x 8
Total Pages
127 pages
Language
HINDI
ISBN
978-93-88256-74-2
Publication Date
January 1 ,1970

About this book

आ रई है इक बड़ी सवारी
ख़ुशी मार रई है किलकारी

पलक पांवड़े बिछा बिछा कें
सब के सब कर रये तैयारी

फूटी आँख सुहात नईं हते
अब हो गयी है पक्की यारी

दिल्ली बनी छाँवनी जैसी
ऐसें हो रई है रखवारी

सड़कन पै पैरे बैठे हैं
लोग झेल रये हैं लाचारी

सबरे हुकम उनईं के चलहें
हम तौ हैं बस आज्ञाकारी

धरें मूड़ पै उनखों फिर रये
काल जोंन दै रये ते गारीं

हमें लगत दौलत के लानें
हो रई है सब मारा मारी

सुगम बात जे भूल न जइयौ
दुनिया है स्वारथ की मारी

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