
Srishtidarshan : Satdarshan Adhyatm Vigyan evam Satdharm Ka Sachetna Siddhant
सृष्टिदर्शन एक चिंतनप्रधान ग्रंथ है जो सतदर्शन, अध्यात्म, विज्ञान एवं सनातन धर्म के सचेतन सिद्धांतों को समन्वित रूप में प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक मानव जीवन के चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को जागरूकता के केंद्र में रखकर जीवन की समग्र दृष्टि प्रदान करती है। लेखक ने सृष्टि, चेतना और मानव कर्तव्य के गूढ़ विषयों को सरल एवं तर्कसंगत भाषा में स्पष्ट किया है। ग्रंथ का उद्देश्य आत्मबोध, मैत्री और विश्वशांति की भावना को जागृत करना है। ‘सृष्टिदर्शन’ पाठकों को आध्यात्मिक उन्नति के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है, जिससे जीवन संतुलित, सार्थक और प्रकाशमान बन सके।.
Product Details
- Format: Paperback
- Book Size:6 x 9
- Total Pages:335 pages
- Language:Hindi
- ISBN:978-9364312660
- Paper Type:Perfect
- Publication Date:February 27 ,2026
Product Description
सृष्टिदर्शन एक चिंतनप्रधान ग्रंथ है जो सतदर्शन, अध्यात्म, विज्ञान एवं सनातन धर्म के सचेतन सिद्धांतों को समन्वित रूप में प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक मानव जीवन के चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को जागरूकता के केंद्र में रखकर जीवन की समग्र दृष्टि प्रदान करती है। लेखक ने सृष्टि, चेतना और मानव कर्तव्य के गूढ़ विषयों को सरल एवं तर्कसंगत भाषा में स्पष्ट किया है। ग्रंथ का उद्देश्य आत्मबोध, मैत्री और विश्वशांति की भावना को जागृत करना है। ‘सृष्टिदर्शन’ पाठकों को आध्यात्मिक उन्नति के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है, जिससे जीवन संतुलित, सार्थक और प्रकाशमान बन सके।.






