
Sanskrit Vangmay
यह पुस्तक “संस्कृत वाङ्मय में वैज्ञानिक तत्व” प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा में निहित वैज्ञानिक चिंतन का सारगर्भित विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें वेद, उपनिषद, पुराण, आयुर्वेद, गणित, खगोलशास्त्र तथा दर्शन आदि संस्कृत ग्रंथों में उपलब्ध वैज्ञानिक अवधारणाओं का सुबोध और तर्कसंगत विश्लेषण किया गया है। लेखक यह स्पष्ट करते हैं कि भारतीय ऋषियों ने प्रकृति, ब्रह्मांड, शरीर और चेतना के विषय में गहन वैज्ञानिक दृष्टि विकसित की थी। यह पुस्तक छात्रों, शोधार्थियों और भारतीय ज्ञान-विज्ञान में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।.
Product Details
- Format: Paperback
- Book Size:6 x 9
- Total Pages:309 pages
- Language:HINDI
- ISBN:978-9364312257
- Paper Type:Perfect
- Publication Date:January 7 ,2026
Product Description
यह पुस्तक “संस्कृत वाङ्मय में वैज्ञानिक तत्व” प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा में निहित वैज्ञानिक चिंतन का सारगर्भित विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें वेद, उपनिषद, पुराण, आयुर्वेद, गणित, खगोलशास्त्र तथा दर्शन आदि संस्कृत ग्रंथों में उपलब्ध वैज्ञानिक अवधारणाओं का सुबोध और तर्कसंगत विश्लेषण किया गया है। लेखक यह स्पष्ट करते हैं कि भारतीय ऋषियों ने प्रकृति, ब्रह्मांड, शरीर और चेतना के विषय में गहन वैज्ञानिक दृष्टि विकसित की थी। यह पुस्तक छात्रों, शोधार्थियों और भारतीय ज्ञान-विज्ञान में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।.






