Rajnigandha

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रजनीगंधा (भाग–एक) मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, संघर्ष, त्याग और जीवन के अनकहे भावों से सजी एक प्रभावशाली साहित्यिक कृति है। यह उपन्यास रिश्तों की गहराई, सामाजिक परिस्थितियों और व्यक्ति के आंतरिक द्वंद्व को भावपूर्ण एवं सहज भाषा में प्रस्तुत करता है। कथा के प्रत्येक पात्र की भावनाएँ पाठक को आत्मीयता से जोड़ती हैं और जीवन के अनेक रंगों का सजीव अनुभव कराती हैं। डॉ. चन्द्रकुमार गाड़गे ने अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से प्रेम, पीड़ा, आशा और मानवीय मूल्यों का सुंदर चित्रण किया है। संवेदनशील, विचारोत्तेजक और रोचक कथानक से भरपूर यह पुस्तक साहित्य प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय पाठन अनुभव प्रदान करती है।.

Product Details

  • Format: Paperback
  • Book Size:5.5 x 8.5
  • Total Pages:278 pages
  • Language:Hindi
  • ISBN:978-9364316040
  • Paper Type:Perfect
  • Publication Date:July 26 ,2026

Product Description

रजनीगंधा (भाग–एक) मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, संघर्ष, त्याग और जीवन के अनकहे भावों से सजी एक प्रभावशाली साहित्यिक कृति है। यह उपन्यास रिश्तों की गहराई, सामाजिक परिस्थितियों और व्यक्ति के आंतरिक द्वंद्व को भावपूर्ण एवं सहज भाषा में प्रस्तुत करता है। कथा के प्रत्येक पात्र की भावनाएँ पाठक को आत्मीयता से जोड़ती हैं और जीवन के अनेक रंगों का सजीव अनुभव कराती हैं। डॉ. चन्द्रकुमार गाड़गे ने अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से प्रेम, पीड़ा, आशा और मानवीय मूल्यों का सुंदर चित्रण किया है। संवेदनशील, विचारोत्तेजक और रोचक कथानक से भरपूर यह पुस्तक साहित्य प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय पाठन अनुभव प्रदान करती है।.

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