Fiction
Katha Sagar ki Machliyan
200
Product Details
- Format
- Hardcopy
- Book Size
- 5 x 8
- Total Pages
- 147 pages
- Language
- Hindi
- ISBN
- 978-93-88256-19-3
- Publication Date
- January 1 ,1970
About this book
मेरी समझ में नहीं आता कि आप इस बात पर यकीन क्यों नहीं करते कि कहानी की नायिका यानी मैंने ही आपके कथानायक की हत्या की थी। ऐसा होने को
आखि़र आप असंभव मानते ही क्यों हैं क्या इसलिए कि ऐसा प्रायः नहीं होताए या फिर इसलिए कि अदालत ने एक अर्सा पहले इसे आत्महत्या का केस करार कर दिया
आखि़र आप असंभव मानते ही क्यों हैं क्या इसलिए कि ऐसा प्रायः नहीं होताए या फिर इसलिए कि अदालत ने एक अर्सा पहले इसे आत्महत्या का केस करार कर दिया
Do you want to publish a book? Enquire Now
Feel Free to Call us at +91-7905266820 or drop us a mail at editor@kavyapublications.com