
Kalindi! Tum Bahti Raho
कालिंदी तुम बहती रहो एक संवेदनशील कहानी संग्रह है, जो जीवन, प्रकृति, रिश्तों और मानवीय भावनाओं की गहराइयों को सहज एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करता है। इस संग्रह की प्रत्येक कहानी पाठक को आत्ममंथन, संघर्ष, आशा, प्रेम, त्याग और जीवन के बदलते प्रवाह से परिचित कराती है। कालिंदी नदी की अविरल धारा की तरह ये कहानियाँ भी निरंतर आगे बढ़ने, परिस्थितियों को स्वीकारने और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं। डॉ. सुरभि सिंह की सशक्त लेखनी समाज की वास्तविकताओं और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। यह संग्रह साहित्य प्रेमियों और गंभीर पाठकों के लिए एक प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय कृति है।.
Product Details
- Format: Paperback
- Book Size:5.5 x 8.5
- Total Pages:257 pages
- Language:Hindi
- ISBN:978-8168749276
- Paper Type:Perfect
- Publication Date:July 7 ,2026
Product Description
कालिंदी तुम बहती रहो एक संवेदनशील कहानी संग्रह है, जो जीवन, प्रकृति, रिश्तों और मानवीय भावनाओं की गहराइयों को सहज एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करता है। इस संग्रह की प्रत्येक कहानी पाठक को आत्ममंथन, संघर्ष, आशा, प्रेम, त्याग और जीवन के बदलते प्रवाह से परिचित कराती है। कालिंदी नदी की अविरल धारा की तरह ये कहानियाँ भी निरंतर आगे बढ़ने, परिस्थितियों को स्वीकारने और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं। डॉ. सुरभि सिंह की सशक्त लेखनी समाज की वास्तविकताओं और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। यह संग्रह साहित्य प्रेमियों और गंभीर पाठकों के लिए एक प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय कृति है।.






