Jab Mahakal Jage (Ek aadhyatmaik rshasya katha)

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Jab Mahakal Jage (Ek aadhyatmaik rshasya katha)
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Jab Mahakal Jage (Ek aadhyatmaik rshasya katha)

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जब महाकाल जागे एक रहस्यपूर्ण और आध्यात्मिक कथा है, जो शक्ति, आस्था और अंधकार के बीच होने वाले संघर्ष को दर्शाती है। कहानी एक ऐसे समय की है जब अधर्म और नकारात्मक शक्तियाँ संसार में अपना प्रभाव बढ़ा रही होती हैं, और तभी महाकाल की दिव्य शक्ति जागृत होती है। मुख्य पात्र एक कठिन यात्रा पर निकलता है, जहाँ उसे भय, विश्वास, प्रेम और त्याग का सामना करना पड़ता है। यह कथा न केवल रोमांच से भरपूर है, बल्कि पाठकों को आध्यात्मिक गहराई और जीवन के सत्य से भी रूबरू कराती है, जो अंत तक बांधे रखती है।.

Product Details

  • Format: Paperback
  • Book Size:5.5 x 8.5
  • Total Pages:285 pages
  • Language:Hindi
  • ISBN:978-9364314152
  • Paper Type:Perfect
  • Publication Date:April 3 ,2026

Product Description

जब महाकाल जागे एक रहस्यपूर्ण और आध्यात्मिक कथा है, जो शक्ति, आस्था और अंधकार के बीच होने वाले संघर्ष को दर्शाती है। कहानी एक ऐसे समय की है जब अधर्म और नकारात्मक शक्तियाँ संसार में अपना प्रभाव बढ़ा रही होती हैं, और तभी महाकाल की दिव्य शक्ति जागृत होती है। मुख्य पात्र एक कठिन यात्रा पर निकलता है, जहाँ उसे भय, विश्वास, प्रेम और त्याग का सामना करना पड़ता है। यह कथा न केवल रोमांच से भरपूर है, बल्कि पाठकों को आध्यात्मिक गहराई और जीवन के सत्य से भी रूबरू कराती है, जो अंत तक बांधे रखती है।.

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