CHATAK
Stories

CHATAK

By Dr. Ashok Rastogi

190

Share:

Product Details

Format
Paperback, Ebook
Book Size
5.5 x 8.5
Total Pages
131 pages
Language
Hindi
ISBN
978-93-88256-71-1
Publication Date
January 1 ,1970

About this book

अखबार में छपे एक समाचार पर दृष्टि पड़ते ही मैं खुशी से उछल पड़ी थी- सुप्रसिद्ध कथाकार डॉ0 आदित्य रंजन को साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए इलाहाबाद वसंतोत्सव में ‘साहित्य वारिधि’ के अलंकरण से सुभूषित कर सम्मानित व पुरस्कृत किया जा रहा था।
डॉ0 आदित्य रंजन मेरे प्रिय कथाकार थे। नारी उद्धार की उनकी भाव प्रवण कहानियाँ पढ़ते-पढ़ते कब वे मेरे आदर्श बन गये थे मुझे कुछ भी तो बोध नहीं हो पाया। नार्योचित बन्धनों में जकड़ी, मुक्ति के लिए छटपटाती नारी की विवशता को उन्होंने ऐसे संवेदना परक रूप में उकेरा था कि मैं स्वयं को उन्हें प्रशंसा पत्र लिखने से न रोक सकी थी। उनकी सरलता व सादगी पर मैं तब तो और भी ज्यादा सम्मोहित हो उठी थी जब उन्होंने मेरे पत्र के उत्तर के रूप में स्नेह का कोहरा बरसाता पत्र मुझे तत्काल भेज दिया था।
बस तभी से पत्रों के आदान-प्रदान का सिलसिला अबाधित रूप से चल पड़ा था। इधर से मेरा पत्र जाता तो उधर से कुछ ही दिनों बाद खुशियों की बौछार सी करता हुआ उनका पत्र चला आता। हाथ में आते ही उनके पत्र को पहले अधरों से चूमती और फिर आँखें मूँदकर हृदय से लगा लेती तथा मन ही मन उनके रंग-रूप व व्यक्तित्व की कल्पना करने लगती.... और कल्पना के पंखों पर बैठकर कहीं से कहीं निकल जाती.... फिर पत्र को पढ़ना प्रारम्भ करती तो हर शब्द में उनका अदृश चेहरा ढ़ूँढने का प्रयास करने लगती।

Do you want to publish a book? Enquire Now

Feel Free to Call us at +91-7905266820 or drop us a mail at editor@kavyapublications.com

captcha
Publish Now