
Badalta Manav
“बदलता मानव” एक विचारोत्तेजक कृति है, जो आधुनिक युग में मनुष्य के बदलते स्वरूप, सोच और जीवनशैली का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है। लेखक भोला “पागल” ने तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और औद्योगिक विकास के प्रभावों को मानवीय संवेदनाओं और प्रकृति के साथ संतुलन के संदर्भ में उजागर किया है। यह पुस्तक बताती है कि प्रगति के साथ-साथ मानव मूल्यों का संरक्षण कितना आवश्यक है। सरल भाषा और प्रभावशाली शैली में लिखी गई यह रचना पाठकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है। यह उन सभी के लिए उपयोगी है, जो बदलते समय में मानवता के वास्तविक अर्थ को समझना चाहते हैं।.
Product Details
- Format: Paperback
- Book Size:5.5 x 8.5
- Total Pages:182 pages
- Language:Hindi
- ISBN:978-9364311052
- Paper Type:Perfect
- Publication Date:April 21 ,2026
Product Description
“बदलता मानव” एक विचारोत्तेजक कृति है, जो आधुनिक युग में मनुष्य के बदलते स्वरूप, सोच और जीवनशैली का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है। लेखक भोला “पागल” ने तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और औद्योगिक विकास के प्रभावों को मानवीय संवेदनाओं और प्रकृति के साथ संतुलन के संदर्भ में उजागर किया है। यह पुस्तक बताती है कि प्रगति के साथ-साथ मानव मूल्यों का संरक्षण कितना आवश्यक है। सरल भाषा और प्रभावशाली शैली में लिखी गई यह रचना पाठकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है। यह उन सभी के लिए उपयोगी है, जो बदलते समय में मानवता के वास्तविक अर्थ को समझना चाहते हैं।.






