Apno Se Door Apno ke Paas
Travelogue

Apno Se Door Apno ke Paas

By Dev Goyal Dev

325

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Product Details

Format
Paperback
Book Size
6 x 9
Total Pages
325 pages
Language
HINDI
ISBN
978-9364317894
Paper Type
PAPERBACK
Publication Date
September 26 ,2024

About this book

अपनों से दूर- अपनों के पास हमारे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब हमने चाँद से लाई गई एक चट्टान देखने को मिलीं, जिसे हमने हाथ से छुआ । हम वाकई गदगद थे । कुछ और । चट्टानें भी वहाँ रखी गई थी जो अंतरिक्ष से भूमि पर आ गिरी थी । हमने उनके साथ फोटो साझा की थी । इस प्रश्न को प्रश्न कहें या सलाह या कुछ हद तक आत्मीयता, कुछ भी कहें, मगर यह सम्प्रेषण हम दोनों को छू गया था । कोई कितना ही बड़ा क्यों न हो, आखिर जमीन पर ही स्थायी सहारा मिलता है। हवा में उड़ना, आकाश को छूना, क्षणों के खेल हैं, मानव मन के विजय रथ के सोपान है, पर धरा - वसुंधरा की गोद में जो शांति, स्थायित्व व आत्मीयता मिलती है वह गगन विहार में कहां ? खुशियों व मिलन के पल प्रवासी पक्षियों की तरह मौसम अनुकूल होते ही उड़ान भर लेते हैं । विदाई के क्षण भावुकता से भरपूर उन मेघमाला की तरह होते हैं जो अचानक बरस पड़ते हैं, अश्रुकण न दिखाई पड़ें लेकिन मानव - मन भीतर तक आंदोलित हो उठता है चाहे हम अपनों के पास जाएँ या अपनों से दूर कदम बढ़ाएँ ।

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