
AI 2125 : Manavta, Vigyan aur Sabhyata ke Agle 100 Varshon ki Yatra
‘एआई 2125’ मानवता, विज्ञान और सभ्यता के सौ वर्षों की रोमांचक कल्पनात्मक यात्रा प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक उस भविष्य की कल्पना करती है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोट, उड़ने वाली गाड़ियाँ, अत्याधुनिक शहर और अंतरिक्ष तकनीक मानव जीवन को बदल चुके हैं। तकनीकी प्रगति के साथ यह रचना मानव भावनाओं, नैतिकता, स्वतंत्रता और अस्तित्व जैसे महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठाती है। क्या मशीनें मनुष्य से अधिक बुद्धिमान हो जाएँगी? क्या भविष्य में इंसान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता साथ रह पाएँगे? विज्ञान, कल्पना और मानवीय संवेदनाओं के मेल के साथ यह पुस्तक पाठकों को भविष्य की नई रोमांचक दुनिया में ले जाती है।.
Product Details
- Format: Paperback
- Book Size:5.5 x 8.5
- Total Pages:139 pages
- Language:Hindi
- ISBN:978-9364312325
- Paper Type:Perfect
- Publication Date:August 25 ,2026
Product Description
‘एआई 2125’ मानवता, विज्ञान और सभ्यता के सौ वर्षों की रोमांचक कल्पनात्मक यात्रा प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक उस भविष्य की कल्पना करती है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोट, उड़ने वाली गाड़ियाँ, अत्याधुनिक शहर और अंतरिक्ष तकनीक मानव जीवन को बदल चुके हैं। तकनीकी प्रगति के साथ यह रचना मानव भावनाओं, नैतिकता, स्वतंत्रता और अस्तित्व जैसे महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठाती है। क्या मशीनें मनुष्य से अधिक बुद्धिमान हो जाएँगी? क्या भविष्य में इंसान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता साथ रह पाएँगे? विज्ञान, कल्पना और मानवीय संवेदनाओं के मेल के साथ यह पुस्तक पाठकों को भविष्य की नई रोमांचक दुनिया में ले जाती है।.






