Poetry
Ab Kabir Dooja Na Hoye
By Shashi sidheshwar kumar Gulab
150
Product Details
- Format
- Paperback
- Book Size
- 5.5 x 8.5
- Total Pages
- 93 pages
- Language
- HINDI
- ISBN
- 978-9364313865
- Paper Type
- PAPERBACK
- Publication Date
- September 27 ,2026
About this book
“अब कबीर दूजा न होए” कबीर के जीवन, विचार, कृतित्व और मानवतावादी दर्शन को केंद्र में रखकर किया गया एक वैचारिक अध्ययन है। यह पुस्तक कबीर की निर्भीक वाणी, सामाजिक रूढ़ियों के विरोध, आडंबर-विरोधी दृष्टि और मानवता के प्रति उनके गहरे सरोकारों को समझने का प्रयास करती है। कबीर ने अपने समय की धार्मिक, सामाजिक और जातिगत विसंगतियों पर प्रश्न उठाते हुए प्रेम, सत्य, समानता और आत्मबोध का संदेश दिया। पुस्तक उनके विचारों की प्रासंगिकता को वर्तमान संदर्भ में देखने का अवसर देती है। यह अध्ययन कबीर के दर्शन, जीवन-दृष्टि और मानवीय मूल्यों को सरल एवं विचारोत्तेजक शैली में प्रस्तुत करता है।
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