
Aatm Manthan
आत्म मंथन केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर चलने वाले भावनात्मक, आध्यात्मिक और सामाजिक संघर्षों की गहन यात्रा है। यह पुस्तक पाठकों को आत्मा, विचार और जीवन के अनदेखे आयामों से परिचित कराती है। प्रत्येक कविता जीवन के अनुभवों, संघर्षों, प्रेम, अकेलेपन, आशा और आत्मचिंतन को अत्यंत संवेदनशीलता और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती है। यदि आप ऐतिहासिक और दार्शनिक भावभूमि से जुड़ी रचनाओं, गहरे मानवीय भावों और विचारोत्तेजक साहित्य के प्रेमी हैं, तो यह पुस्तक आपको एक अलग ही अनुभूति प्रदान करेगी। लेखक मदनप्रसाद ने शब्दों के माध्यम से मानव मन के रहस्यों और समय के प्रवाह को अत्यंत कलात्मक ढंग से उकेरा है। यह संग्रह उन पाठकों के लिए विशेष है जो साहित्य में केवल कहानी नहीं, बल्कि आत्मा की आवाज़ सुनना चाहते हैं।.
Product Details
- Format: Paperback
- Book Size:5.5 x 8.5
- Total Pages:106 pages
- Language:Hindi
- ISBN:978-9364312561
- Paper Type:Perfect
- Publication Date:June 2 ,2026
Product Description
आत्म मंथन केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर चलने वाले भावनात्मक, आध्यात्मिक और सामाजिक संघर्षों की गहन यात्रा है। यह पुस्तक पाठकों को आत्मा, विचार और जीवन के अनदेखे आयामों से परिचित कराती है। प्रत्येक कविता जीवन के अनुभवों, संघर्षों, प्रेम, अकेलेपन, आशा और आत्मचिंतन को अत्यंत संवेदनशीलता और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती है। यदि आप ऐतिहासिक और दार्शनिक भावभूमि से जुड़ी रचनाओं, गहरे मानवीय भावों और विचारोत्तेजक साहित्य के प्रेमी हैं, तो यह पुस्तक आपको एक अलग ही अनुभूति प्रदान करेगी। लेखक मदनप्रसाद ने शब्दों के माध्यम से मानव मन के रहस्यों और समय के प्रवाह को अत्यंत कलात्मक ढंग से उकेरा है। यह संग्रह उन पाठकों के लिए विशेष है जो साहित्य में केवल कहानी नहीं, बल्कि आत्मा की आवाज़ सुनना चाहते हैं।.






