
1842 Ka Bundela Vidroh: Swatantrata Ki Jwala, Bundelon Ka Adamya Sahas
"1842 का बुंदेला विद्रोह" भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक बुंदेलखंड की वीर भूमि पर 1842 में हुए उस ऐतिहासिक विद्रोह का विस्तृत वर्णन करती है, जिसने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनआक्रोश और स्वाभिमान की मशाल प्रज्वलित की। इसमें वीर योद्धाओं के अदम्य साहस, बलिदान, रणनीतियों तथा सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों का तथ्यपरक और रोचक विश्लेषण किया गया है। ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित यह कृति पाठकों को भारत के प्रारंभिक स्वतंत्रता आंदोलनों की गहराई से परिचित कराती है तथा राष्ट्रभक्ति, साहस और स्वाधीनता की भावना को नई ऊर्जा प्रदान करती है।.
Product Details
- Format: Paperback
- Book Size:5.5 x 8.5
- Total Pages:130 pages
- Language:Hindi
- ISBN:978-9364312028
- Paper Type:Perfect
- Publication Date:August 19 ,2026
Product Description
"1842 का बुंदेला विद्रोह" भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक बुंदेलखंड की वीर भूमि पर 1842 में हुए उस ऐतिहासिक विद्रोह का विस्तृत वर्णन करती है, जिसने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनआक्रोश और स्वाभिमान की मशाल प्रज्वलित की। इसमें वीर योद्धाओं के अदम्य साहस, बलिदान, रणनीतियों तथा सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों का तथ्यपरक और रोचक विश्लेषण किया गया है। ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित यह कृति पाठकों को भारत के प्रारंभिक स्वतंत्रता आंदोलनों की गहराई से परिचित कराती है तथा राष्ट्रभक्ति, साहस और स्वाधीनता की भावना को नई ऊर्जा प्रदान करती है।.






